मुसकान
April 10, 2008 by kmuskan
आप लोगो से पिरचय कराता है जो
वो नाम है मुसकान
कभी सचची कभी खोखली
कभी तारो सी चमकती
कभी आंसुओ मे भीगी
पर हूँ तो मुसकान ही
कभी एकदम आसान
कभी जरा भी ना समझ मे आने वाली
पर रहूंगी तो मुसकान ही
April 10, 2008 by kmuskan
आप लोगो से पिरचय कराता है जो
वो नाम है मुसकान
कभी सचची कभी खोखली
कभी तारो सी चमकती
कभी आंसुओ मे भीगी
पर हूँ तो मुसकान ही
कभी एकदम आसान
कभी जरा भी ना समझ मे आने वाली
पर रहूंगी तो मुसकान ही
sahi baat rehengi to sab ko lubhane wali muskan hi
bahut khub