िजंदगी की इक ही है आरजू
हर जनम मे बनू, मै तेरी आरजू
मेरी तो िदल की हर धडकन मे बसे हो तुम
तेरे िदल मे थोडी सी जगह की है आरजू
मेरे िदल की हर चाहत हो तुम
मेरी िदल की हर आस हो तुम
खुली आखो से देखा जो, वो खवाब हो तुम
तेरे खवाबो मे बस जाऊ,ं बस यही [...]
Archive for April 12th, 2008
आरजू
Posted in aarjoo, tagged aarjoo, Blogroll, hindi poetry, kala, kavita, muskan, tum on April 12, 2008 | 2 Comments »

