मुझे इंतजार है उस पल का
जब मेरी कलपनाएँ आकार लेंगी
जब तुम मेरे सामने होंगे
मै इंतजार करुँगी उस पल का
आज इस पल मे तुम मेरे पास नही हो
पर िफर भी लगता है मेरे हर कदम पे तुम मेरे साथ हो
मै तुमहे छू नही सकती
पर ये हवाएँ मुझे तुमहारे होने का अहसास करा जाती है
ये हवाएँ तुमहे भी तो छूती होंगी
तुमहे भी तो मेरा अहसास कराती होंंगी
मै इंतजार करुँगी उस पल का
जब ये अहसास तुमहे मेरी मेरे पास ले आएँगा
मै इंतजार करुँगी उस पल का
जब तुम मेरे सामने होंगे


bhut payri kavita hai……likhti rahey