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Archive for May 12th, 2008

तु कया लूटेगा उन लूटे हूओ को
जो पहले ही वकत के हाथो लूटे है ।
तोड़ सकी जिस ना मुश्किलें हजार
आज वो अपनों के हाथो ही टूटे है ।
कब तक हर दुःख को अपने दामन मे समेटू
आज ये दामन मुझसे छूटे है ।
ये रिश्ते ही थे मेरा सारा संसार
आज इस संसार मे मेरा दम [...]

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