तु कया लूटेगा उन लूटे हूओ को
जो पहले ही वकत के हाथो लूटे है ।
तोड़ सकी जिस ना मुश्किलें हजार
आज वो अपनों के हाथो ही टूटे है ।
कब तक हर दुःख को अपने दामन मे समेटू
आज ये दामन मुझसे छूटे है ।
ये रिश्ते ही थे मेरा सारा संसार
आज इस संसार मे मेरा दम घुटे है ।


bahut acha rishtonko bayan kiya hai
shukriya keerti
bahota hi badheeyaa kaha hai aapane, yahee to sachchaaee hai duniyaa kee.