मेरे होठो की मुस्कान देखकर गर वो समझते है की मैं खुश हूँ तो उन्हें इसी गलतफहमी मे खुश होने दो कल उजड़ जाएगा मेरा ये आशिअना जाने फ़िर कहाँ बसेरा पाऊँगी कम से कम आज की रात तो मुझे चैन से सोने दो दिल का गुबार आंखो से आंसू बन बह निकला है कोई न रोको इसे आज जी भर के रोने दो जा रही हूँ आज ,तेरी छाँव के बिना कैसे रह पाऊँगी लौट के फिर आने के लिए आज मुझे जाने दो
मुझे जाने दो
May 19, 2008 by kmuskan


मुस्कान जी दिल को छु लेने वाली कविता
simply marvolous,kabhi kabhi nasiki rishton se duriyan achhi,phir nazdik aane ke liye,bas alvida na kehna unse kadam uthenge nahi varna jane ke liye.
chandan & mehek
husala afjai ka shukriya
waah..bahut sundar nazm. achchi lagi.