गीता आज एक ऐसे दोराहे पर खडी थी जहाँ उसे समझ नही आ रहा है िक वो कया करे ,कहाँ जाए िकससे अपने िदल की बात कहे।
उसकी माँ ने उसे बचपन से यही िसखाया था िक एक औरत का अपना घर उसका ससुराल होता है । मायके मे तो वो बस कुछ िदनो की मेहमान होती है ुउसकी िवदाई के वकत भी माँ ने यही कहा था िक आज इस घर से तेरी डोली जा रही है और अब तेरा ससुराल ही तेरा घर है । गीता ने भी यही सोच कर ससुराल मे कदम रखा था िक अब ये ही मेरा घर है मेरा अपना घर ।
पर कुछ ही िदनो मे उसके सारे सपने िबखर गए। जब धीरे धीरे उसके ससुराल वालो की असिलयत उसके सामने आने लगी । उसे पता चला िक उसके पित का िकसी ओर के साथ िरशता था जो अभी भी है लेिकन घर वाले उस िरशते के िलए तैयार नही थे । उसने घर वालो की खुिशयो के िलए गीता से शादी तो कर ली पर कभी उसे अपनी पतनी का सममान नही िदया।
जब पित ने ही सममान नही िदया तो वो ससुराल के ओर लोगो से कया अपेकशा करती ।उसे बात बात पर ताने िदए जाते थे लेिकन वो सब कुछ इसे अपनी िकसमत मान के सहती रहती थी । करती भी कया , कहती भी िकससे ,उस घर मे उसकी सुनने वाला था भी कौन । पित तो हो कर भी नही के बराबर था । पर इक िदन हद हो गई उसे ये कहके िक ये तेरा घर नही है उसे घर से बाहर िनकाल िदया गया । गीता िकतना िगडिगडाई पर ना िकसी पर असर पडना था ना पडा
अब गीता कया करे वह खुद नही समझ पा रही थी । मायका तो पहले ही िछन चुका था आज ससुराल से भी िनकाल िदया गया । वह समझ नही पा रही थी िक उसका अपना घर कौन सा है।
कया आप मे से कोई ये बता सकता है


bahut achha sawal rakha hai aapne muskan,still people think once the girl is married their respnsibility is over,this thought should be changed,otherway tourcharing the bahut is also wrong,but if her husband is not with her,then she should live independent on her own,rone se kuch haasil nahi.she has to learn about power hidden in herself.
No, apna ghar hai…..jis ped ki jaden ham hein, ghar ki neev ham dalte hein fir wo ghar apna hi to hai!
revaajee ne bilkula sahee kaha hai.per main geeta ke jazbaaton kee bhee qadra karatee hun.