Posted in zindagi, tagged अहसास, खुशी, गम, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on July 10, 2008 | 1 Comment »
गम का भी अपना ही मजा है गम न हो तो जीवन इक सजा है गम है तभी तो खुशी का अहसास है पर गम अगर हद से बढ जाए गम अगर बर्दाशत से बाहर हो जाए तो खुशी का अहसास ही मर जाता है
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