दुनिया की भीड़ में खो गए, तुम कहाँ
हर पल नज़रे तुम्हे ही ढूंढती है
जानती है की तुम नही हो यहाँ, पर
फ़िर भी तुम्हारा ही नजारा ढूंढती है
July 21, 2008 by kmuskan
दुनिया की भीड़ में खो गए, तुम कहाँ
हर पल नज़रे तुम्हे ही ढूंढती है
जानती है की तुम नही हो यहाँ, पर
फ़िर भी तुम्हारा ही नजारा ढूंढती है
achcha hai
बहुत बढिया!!
…..हम कहीं नहीं खोये जनाब… लो आप तक पहुच ही गये… चार पंक्तियों में सुंदर अभिव्यक्ति… लगे रहिये.. हमेशा आप तक पहुंचूंगा…..
जानती है की तुम नही हो यहाँ, पर
फ़िर भी तुम्हारा ही नजारा ढूंढती है
सच लिखा हे , धन्यवाद
mere blog par visit karne or comment karne ke liye aap sab ka shukriya