ज़िंदगी की भाग-दोड में जाने वो पल कहाँ खो गए
जब कुछ पल बैठ कर चैन से बतिया लिया करते थे
एक चाए के प्याले संग
जाने वो पल कहाँ खो गए
जब सावन की पहली बारिश
तन और मन दोनों को भिगो जाती थी
जाने वो पल कहाँ खो गए
जब कितने ही पल डूबते सूरज को निहारते बीत जाते [...]

