फूलो सी महक िलए
हवा के झोके सी ठंडक िलए
शािमल है ‘मुसकान’ भी
इस महिफल मे अपना बलाग िलए
मेरा आप सब से पिरचय कराता है जो वो नाम है मुसकान । मै िदलली मे रहती हूँ । मुझे किवता कहानी पढने मे रूिच है।
पुराने गीत संगीत ,पुरानी िफलमो से लगाव है ।
िलखना मेरी आदत तो नही है पर कभी कभी अपने आस पास देखी गई बातो को लफजो मे उतारना मेरा शौक है।
मेरी िलखी गई रचनाए आपको कैसी लगी जरूर बताईगा


Dear Muskan ,
मैं आपको ये लिंक भेज रहा हूँ आप जरुर अपनी कवितायेँ इस प्रतियोगिता के लिए भेजें ,अच्छा लिखते हो आप सबको पता चलना चाहिए!!
दिव्य प्रकाश
http://merekavimitra.blogspot.com/2008/05/blog-post_01.html
housala afjai ka shukriya
लिखना ज़ारी रखिए…