अपने जब दूर जाते है
तो
बहुत दर्द देते है
पर
अपने जब पास रह कर
भी
दूरिया बना लेते है
तो
दिल में एक कसक
छोड़ जाते हैै
Posted in apne, tagged अपने, आंसू, कसक, गम, ज़िन्दगी, दर्द, दिल, दूरिया, Blogroll, dard, dil, hindi, hindi poetry, kala, kavita, muskan, zindagi on February 5, 2009 | 3 Comments »
अपने जब दूर जाते है
तो
बहुत दर्द देते है
पर
अपने जब पास रह कर
भी
दूरिया बना लेते है
तो
दिल में एक कसक
छोड़ जाते हैै
Posted in zindagi, tagged अक्स, अजनबी, आंसू, आग, उदास, ज़िन्दगी, तस्वीर, पीड़ा, फ़रिश्ते, रब, लकीरे, Blogroll, hindi poetry, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on December 23, 2008 | 8 Comments »
कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है
जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है
किसी का उदास चेहरा उस, अजनबी फ़रिश्ते से देखा नही जाता
किसी कि भी आँखों में आंसू देख ,मदद को दोडा वो आता है
हर तरफ़ आग ही आग, मचा हाहाकार है
ऐसे माहौल में तू ,कैसे आराम फरमाता [...]
Posted in zindagi, tagged आँख, आंसू, उदास, ज़िन्दगी, दिल, सपना, सुंदर, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on November 26, 2008 | 3 Comments »
इक सपना टूटा
आँख से आंसू बहा
कुछ देर तक दिल बेचैन रहा
उदास रहा
पर
फिर जैसे
ख़ुद-ब-खुद सब ठीक हो गया
इन आँखों ने फिर इक नया सपना बुना
पहले से भी सुंदर
सपनो का टूटना ,
बिखरना,
जुड़ना ,
टूट कर फ़िर से जुड़ना
यही तो ज़िन्दगी है
Posted in zindagi, tagged आंसू, कतरा, खुशी, गम, जज्बात, दिल, सपना, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on September 24, 2008 | 12 Comments »
कहने को तो पानी का एक कतरा है पर
कितने ही जज्बातों का दरिया है
हर सपने को बड़े प्यार से आँखों में छुपा रखा था
आँख से आंसू बन के बहा जो, वही टुटा हुआ इक सपना है
बिन कहे मेरे दिल के हर जज्बात को बयां कर जाते है
खुशी हो या गम हर दम [...]