कभी कभी
चंद कदमो का फासला
दुनिया बदल देता है
चंद कदमो का फासला
ज़िन्दगी-भर का फासला बन जाता है
चंद कदमो का फासला
कभी ना मिटने वाला फासला बन जाता है
चंद कदमो का फासला
जिंदगी ओर मौत का फासला बन जाता है
ै
Posted in zindagi, tagged कभी कभी, चंद कदम, जिंदगी, दुनिया, फासला, मौत, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, zindagi on January 30, 2009 | 4 Comments »
कभी कभी
चंद कदमो का फासला
दुनिया बदल देता है
चंद कदमो का फासला
ज़िन्दगी-भर का फासला बन जाता है
चंद कदमो का फासला
कभी ना मिटने वाला फासला बन जाता है
चंद कदमो का फासला
जिंदगी ओर मौत का फासला बन जाता है
ै
Posted in zindagi, tagged इन्द्रधनुष, चाँद, चाए, चिंता, चैन, जीवन, दुनिया, पल, बारिश, भाग-दोड, मन, रंग, सावन, सूरज, ज़िंदगी, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on October 1, 2008 | 8 Comments »
ज़िंदगी की भाग-दोड में जाने वो पल कहाँ खो गए
जब कुछ पल बैठ कर चैन से बतिया लिया करते थे
एक चाए के प्याले संग
जाने वो पल कहाँ खो गए
जब सावन की पहली बारिश
तन और मन दोनों को भिगो जाती थी
जाने वो पल कहाँ खो गए
जब कितने ही पल डूबते सूरज को निहारते बीत जाते [...]