इक सपना टूटा
आँख से आंसू बहा
कुछ देर तक दिल बेचैन रहा
उदास रहा
पर
फिर जैसे
ख़ुद-ब-खुद सब ठीक हो गया
इन आँखों ने फिर इक नया सपना बुना
पहले से भी सुंदर
सपनो का टूटना ,
बिखरना,
जुड़ना ,
टूट कर फ़िर से जुड़ना
यही तो ज़िन्दगी है
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यही तो ज़िन्दगी है
Posted in zindagi, tagged आँख, आंसू, उदास, ज़िन्दगी, दिल, सपना, सुंदर, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on November 26, 2008 | 3 Comments »
आंसू
Posted in zindagi, tagged आंसू, कतरा, खुशी, गम, जज्बात, दिल, सपना, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on September 24, 2008 | 12 Comments »
कहने को तो पानी का एक कतरा है पर
कितने ही जज्बातों का दरिया है
हर सपने को बड़े प्यार से आँखों में छुपा रखा था
आँख से आंसू बन के बहा जो, वही टुटा हुआ इक सपना है
बिन कहे मेरे दिल के हर जज्बात को बयां कर जाते है
खुशी हो या गम हर दम [...]

