Posted in zindagi, tagged इन्द्रधनुष, चाँद, चाए, चिंता, चैन, जीवन, दुनिया, पल, बारिश, भाग-दोड, मन, रंग, सावन, सूरज, ज़िंदगी, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on October 1, 2008 | 8 Comments »
ज़िंदगी की भाग-दोड में जाने वो पल कहाँ खो गए
जब कुछ पल बैठ कर चैन से बतिया लिया करते थे
एक चाए के प्याले संग
जाने वो पल कहाँ खो गए
जब सावन की पहली बारिश
तन और मन दोनों को भिगो जाती थी
जाने वो पल कहाँ खो गए
जब कितने ही पल डूबते सूरज को निहारते बीत जाते [...]
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Posted in zindagi, tagged कुदरत, पल, सूरज, Blogroll, hindi, kala, kavita, muskan, poetry, zindagi on June 30, 2008 | 3 Comments »
जी भरकर जी ले इस पल को
जाने फिर ये पल हो न हो
हर खुशी को समेट ले अपनी बाहों में
जाने फिर ये पल हो न हो
गम की काली रात है बीती
सुबह का सूरज खुशियों का सवेरा लाया है
जी ले इन खुशियों को
जाने फिर ये पल हो न हो
कुदरत का नियम है रात के बाद
दिन को [...]
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