अपने जब दूर जाते है
तो
बहुत दर्द देते है
पर
अपने जब पास रह कर
भी
दूरिया बना लेते है
तो
दिल में एक कसक
छोड़ जाते हैै
Posted in apne, tagged अपने, आंसू, कसक, गम, ज़िन्दगी, दर्द, दिल, दूरिया, Blogroll, dard, dil, hindi, hindi poetry, kala, kavita, muskan, zindagi on February 5, 2009 | 3 Comments »
अपने जब दूर जाते है
तो
बहुत दर्द देते है
पर
अपने जब पास रह कर
भी
दूरिया बना लेते है
तो
दिल में एक कसक
छोड़ जाते हैै
Posted in tum, tagged Blogroll, dil, gajal, kafiya, kala, kavita, muskan, tum on April 28, 2008 | 1 Comment »
हम तो आए थे आपसे, हाल ए िदल बयाँ करने
पर बातो ही बातो मे , गजल बन गई ।
जो िदल मे था, जबाँ से सब कह िदया
और शबदो ही शबदो मे, गजलबन गई ।
तुम िबना कुछ कहे, बस देखते ही रह गए
हमने आखो से आखो को िमलाया तो, गजल बन गई ।
तुमहारे कुछ कहे [...]