Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Archive for नवम्बर, 2008

इक सपना टूटा
आँख से आंसू बहा
कुछ देर तक दिल बेचैन रहा
उदास रहा
पर
फिर जैसे
ख़ुद-ब-खुद सब ठीक हो गया
इन आँखों ने फिर इक नया सपना बुना
पहले से भी सुंदर

सपनो का टूटना ,
बिखरना,
जुड़ना ,
टूट कर फ़िर से जुड़ना
यही तो ज़िन्दगी है

Advertisements

Read Full Post »

ज़िन्दगी जाने तू क्या चाहती है
जाने किस मोड़ पे मुझे लिए जा रही है
मेरे खवाबो  ,मेरी  तम्मनाओ को
पीछे छोड़ जाने किस और चली जा रही है


जाने कयों तु मेरी हर कोशिश को
नाकाम  करने में  लगी है
मुझसे तेरी जाने  क्या दुश्मनी है
कुछ पल तो मुझे चैन  के लेने दे


तू क्या चाहती है ,मैं नही जानती
पर ख़ुद को तेरी ही धारा में छोड़ कर
मैं बिना कुछ सोच-समझे

तेरी ही रौ में बही जा रही हूँ

Read Full Post »

आज बहुत दिनों बाद यहाँ आई इतने दिनों तक कुछ लिखा ही नही कुछ लोगो ने मुझे ईमेल

भेजकर मुझसे ये जानना चाहा कि मैं फिर से कब लिखना शुरू कर रही हूँ ,मैं उनको शुक्रिया कहना

चाहूंगी कि वो मुझे लगातार प रहे हैं कुछ ने मुझे दीपावली कि शुभकामनाये भी भेजी पर मैं

किसीको शुभकामनाये नही दे पाई पर शुभकामनाये तो कभी भी दी जा सकती हैं इसलिए मैं अपनी

शुभकामनाये आज दे देती हूँ मेरे  ब्लॉग पर आने वालो को ,मुझे पढने वालो को, मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाये ओर जो मुझे नही पढते उन्हें भी ढेर सारी  शुभकामनाये

Read Full Post »