Feeds:
पोस्ट
टिप्पणियाँ

Posts Tagged ‘कुदरत’

जी भरकर जी ले इस पल को
जाने फिर ये पल हो न हो
हर खुशी को समेट ले अपनी बाहों में
जाने फिर ये पल हो न हो
गम की काली रात है बीती
सुबह का सूरज खुशियों का सवेरा लाया है
जी ले इन खुशियों को
जाने फिर ये पल हो न हो
कुदरत का नियम है रात के बाद
दिन को , दिन के बाद रात को आना है
हर दिन को जी ले जी भर के
जाने फ़िर ये पल हो न हो

Advertisements

Read Full Post »