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Posts Tagged ‘जिंदगी’

कभी कभी
चंद कदमो का फासला
दुनिया बदल देता है

चंद कदमो का फासला
ज़िन्दगी-भर का फासला बन जाता है

चंद कदमो का फासला
कभी ना मिटने वाला फासला बन जाता है

चंद कदमो का फासला
जिंदगी ओर मौत का फासला बन जाता है






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दबे कदमो से
सब से छुपते छुपाते
आज चाँद उतर आया मेरे आँगन ।
सुना था कि,
चाँद में दाग होता है ।
हां ,दाग तो था , पर,
वो उसकी खूबसूरती को ओर भी बढा  रहा था।
मैं उसकी आभा में ऐसी खोई,
कि एकटक उसे निहारती ही रही
जाने कब तक ।
जब होश आया तो, उससे कुछ कहना चाहा
पर,
उसके जाने का समय हो गया था ।
वो बिना कुछ कहे,
बिना कुछ सुने,
बस अपना दीदार करा कर चला गया

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वो वक्त जैसे बीत कर भी नही बिता

मेरे आज में शामिल है वो कुछ इस तरह



कहते है वक्त से पहले किसी को कुछ नही मिलता

जाने वो वक्त कब आएगा

उस वक्त के इंतज़ार में तो उमर गुजर गई



वक्त इंसान को क्या से क्या बना देता है

कल तक जो नही देते थे जवाब

आज वो पूछते है हाल

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अपने ही कंधो पे ,अपनी लाश लिए जा रहे है
जाने किस , उम्मीद में जिए जा रहे है
जानती हूँ ,तू शामिल नही अब मेरी जिंदगी में
फिर भी तुझे याद किए जा रहे हैै

गलत राह पे पड़ते तेरे कदमो को, जब रोकना चाहा मैंने
तो तुम छोड़ के मुझे अकेला, मुझसे दूर, बहुत दूर चले गए
तेरे लोटने के इंतज़ार में
एक एक पल को गिने जा रहे हैै

तुझसे शिकवे -शिकायत भी है ,पर तेरा इंतज़ार भी है
तेरे दिए गमो को नही भूले है ,पर तुझसे जुड़ी खुशियाँ भी याद है मुझे
तेरी दी हुई खुशियों के सहारे ही हम
पैमाना -ऐ -गम पिए जा रहे है

कभी कभी ख़ुद से यही पूछती हूँ
आख़िर क्यों इस बेमतलब की
जिंदगी को
जिए जा रहे है

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खवाबो में चाँद को देखा था


उसे पाया भी था


पर हकीकत में


कभी उसे पाने की तमन्ना नही की


मैं खवाब और हकीकत के बीच का फासला जानती हूँ


जिंदगी में कुछ खवाब सच हो जाते है


पर हकीकत से


नजरे चुराकर देखे गए खवाब कभी सच होते नही


मैं खवाब और हकीकत के बीच का फासला जानती हूँ

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क्यों ?

जिंदगी बार- बार

उसी मोड़ पे ले आती है

जहाँ से हम चले थे

क्यों ?

जिंदगी बार- बार

उन्ही सवालों को हमारे सामने ले आती है

जिनके जवाब हमारे पास नही है

या

हम देना ही नहीं चाहते

क्यों ?

बार- बार वही यादे

हमारे सामने आ जाती है

जिन्हें हम भुला देना चाहते है

क्यों ?

जिंदगी बार बार

हमारे साथ ऐसा करती है

क्यों ?

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